अब नही रहे प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें पूर्व राष्ट्रपति हैं।

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प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें पूर्व राष्ट्रपति हैं। इससे पहले प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। प्रणब मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के मिराती गांव में 11 दिसम्बर 1935 को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। प्रणब मुखर्जी के पिता का नाम कामदा किंकर मुखर्जी और माता का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी है। प्रणब दा के पिता कांग्रेस पार्टी के सक्रिय सदस्य थे। प्रणब मुखर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीति विज्ञान में एमए के साथ साथ कानून की डिग्री भी हासिल की। वे वकील, पत्रकार और प्रोफेसर रह चुके हैं। उन्हें मानद डी.लिट उपाधि भी प्राप्त है। उनकी शादी 13 जुलाई 1957 को सुब्रा मुखर्जी से हुई। प्रणब मुखर्जी का राजनीतिक जीवन 6 दशक पुराना है। प्रणब मुखर्जी ने 1969 में राज्य सभा सांसद के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। हालांकि 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रणब मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया था। प्रणब ने खुद की एक अलग पार्टी बनाई। हालांकि तीन साल बाद 1991 में पीवी नरसिंहा राव की सरकार बनने के बाद वह दोबारा कांग्रेस में शामिल हो गए। केंद्र में रहते हुए प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री से लेकर विदेश विभाग और रक्षा मंत्री तक का पदभार भी संभाला है।

*प्रणव कुमार मुखर्जी*
जन्म: 11 दिसम्बर 1935,mratyu 31 August 2020 पश्चिम बंगाल) भारत के तेरहवें राष्ट्रपति रह चुके हैं। 26 जनवरी 2019 को प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया है! वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया। सीधे मुकाबले में उन्होंने अपने प्रतिपक्षी प्रत्याशी पी.ए. संगमा को हराया। उन्होंने 25 जुलाई 2012 को भारत के तेरहवें राष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। प्रणब मुखर्जी ने किताब ‘द कोलिएशन ईयर्स: 1996-2012’ लिखा है।


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